रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने हाल ही में प्रकाशित उस खबर का खंडन किया है, जिसमें 800 करोड़ के टेंडर को ‘हैक’ करने और छुट्टी के दिन निविदा खोलने का दावा किया गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई है।

narayana

क्या है प्राधिकरण का पक्ष?

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘टाउन डेवलपमेंट स्कीम’ (TDS) के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 24 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन निविदा जारी की गई थी। प्राधिकरण ने स्थिति स्पष्ट करते हुए निम्न बिंदु साझा किए हैं:

टेंडर खुलने का समय: प्राधिकरण द्वारा Selection of Developer for Development of Infrastructure of the Town Development Scheme (TDS) in Layer-ll of Nava Raipur Atal Nagar in Lieu of Development Rights/ Selling Rights of Mixed-Use Land के लिए दिनांक 24.04.2026 को https://eproc.cgstate.gov.in/ पर निविदा जारी की गई थी, जिसमें Two Envelope Bidding Process अपनाई गई थी। यह निविदा कार्यालयीन दिवस दिनांक 25.06.2026 को समय 17Hrs:13Min:44Sec बजे ऑनलाईन खोली गई है, ना कि अवकाश के दिन।

वित्तीय प्रस्तावों का प्रदर्शन: निविदा खोलने के बाद यह पाया गया कि सभी निविदाकर्ताओं के द्वारा वित्तीय प्रस्ताव Envelope-B में अपलोड किया गया है, जिसके फलस्वरूप निविदा खुलते ही वित्तीय प्रस्ताव स्वतः प्रदर्शित हो गये। चूंकि यह ऑनलाईन निविदा प्रणाली पूरी पारदर्शिता के मापदंडो का पालन करती है, अतः समस्त निविदाकारों को एक दुसरे के वित्तीय प्रस्ताव प्रदर्शित होने लगे। इसलिये यह खबर सर्वथा निराधार है कि ऑनलाईन टेंडरिंग प्रक्रिया को “हैक” किया गया है।

ब्लैक लिस्टेड कंपनी के विवाद पर जवाब

टेंडर में ‘ब्लैक लिस्टेड’ कंपनी के प्रवेश को लेकर उठ रहे सवालों पर प्राधिकरण ने कहा कि किसी भी संस्था को निविदा में शामिल होने का अधिकार है, लेकिन वह पात्र है या अपात्र, इसका निर्णय दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद ही लिया जाता है। वर्तमान में प्राप्त सभी निविदाएं तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया के अधीन हैं। प्राधिकरण ने विश्वास दिलाया है कि निविदा मूल्यांकन समिति द्वारा पूरी निष्पक्षता के साथ वैधानिक निर्णय लिया जाएगा।

प्राधिकरण ने जनसामान्य से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। पूर्व में भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में, जिसमें कथित तौर पर मुआवजा घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राजस्व अधिकारियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई थी, ईओडब्ल्यू द्वारा जांच जारी है।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H