Rajasthan News: राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के भाजपा में विलय और राघव चड्ढा के इस्तीफे ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस मुद्दे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है। गहलोत ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि भाजपा अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है।

वॉशिंग मशीन और एजेंसियों का डर
अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा ने पहले राघव चड्ढा और अन्य सांसदों को लिकर मामले और अन्य जांचों के जरिए इतना तंग किया कि उन्हें मजबूरन पाला बदलना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अब भाजपा में जाते ही वॉशिंग मशीन चालू हो जाएगी और सबके खिलाफ केस खत्म हो जाएंगे। मोदी जी और अमित शाह जी को भ्रम है कि वे हिंदुत्व के नाम पर मुल्क को भड़काकर राजनीति कर लेंगे, पर जनता सब देख रही है।
राजस्थान का मानेसर कांड किया याद
बातचीत के दौरान गहलोत ने राजस्थान की सियासत का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मदन दिलावर पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग चाहते हैं कि मैं सचिन पायलट और मानेसर का नाम लूं ताकि कांग्रेस में फिर से लड़ाई शुरू हो, लेकिन हम एकजुट हैं।
गहलोत ने 2020 के सियासी संकट को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा, हम लोग 34 दिन तक होटल में बंद रहे, वो भी भाजपा के नेताओं के कुकर्मों और हॉर्स-ट्रेडिंग की वजह से। इन्होंने राजस्थान को भी नहीं छोड़ा था।
राघव चड्ढा का 14 साल का सफर खत्म
बता दें कि राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को औपचारिक रूप से आप छोड़ने का ऐलान किया। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे बड़े चेहरों ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आप के पास अब केवल 3 सांसद ही बचे हैं।
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