Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब 5वीं और 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में नहीं भेजा जाएगा। ऑटोमैटिक प्रमोशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और अगली कक्षा में जाने के लिए न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा। तय अंक नहीं मिलने पर छात्र को अनुत्तीर्ण माना जाएगा।

शिक्षा विभाग के मुताबिक यह कदम बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने और आगे की कक्षाओं में आने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए उठाया गया है। विभाग का मानना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से पढ़ाई के प्रति गंभीरता घट रही थी, जिसका असर ऊची कक्षाओं में साफ दिखाई देता था।
45 दिन में दोबारा मौका
नए नियमों के तहत यदि कोई छात्र न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाता, तो उसे 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इस दौरान कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं यानी रिमेडियल टीचिंग भी कराई जाएगी ताकि वे पाठ्यक्रम समझ सकें और दोबारा परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
जवाबदेही भी तय होगी
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से केवल छात्रों ही नहीं, शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। पढ़ाई की नियमित निगरानी होगी और यह देखा जाएगा कि बच्चा स्कूल में क्या सीख रहा है। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्णा कुणाल ने बताया कि समय-समय पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों तीनों की जवाबदेही तय की जाएगी। अभिभावकों को भी ध्यान रखना होगा कि बच्चा नियमित पढ़ाई करे, वहीं पढ़ाई छूटने या कमजोर रहने की स्थिति में शिक्षकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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