Rajasthan News: राजस्थान के कोटा में विज्ञान नगर थाना पुलिस ने टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर युवतियों का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाले एक संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने मनीष उर्फ मोइन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे एक टेलीग्राम नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, इंटर लव जोन नाम से एक टेलीग्राम ग्रुप संचालित किया जा रहा था, जिसमें करीब 15 हजार सदस्य जुड़े थे। शुरुआती जांच में पुलिस का दावा है कि इनमें बड़ी संख्या पाकिस्तान से जुड़े लोगों की थी। आरोप है कि इस ग्रुप के माध्यम से नाबालिग और बालिग लड़कियों को जोड़कर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से करीब 40 हजार वीडियो मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इनमें कुछ अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। साथ ही कुछ वीडियो ऐसे बताए जा रहे हैं, जिनमें युवतियां हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें करती दिखाई दे रही हैं। आरोपी शादीशुदा है, उसका चार वर्षीय बेटा है और वह एक ज्वेलरी की दुकान पर काम करता था। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस को आरोपी की टेलीग्राम चैट भी मिली है। अधिकारियों के अनुसार, इन चैट्स में राजस्थान की एक लड़की को दूसरे ग्रुप से जोड़ने, कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाने और युवतियों को होटल ले जाकर वीडियो रिकॉर्ड करने जैसी बातें सामने आई हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन चैट्स और डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता की जांच अभी जारी है।
जांच के दौरान रिज रोड़ी, हाजी साहब, एसके पठान, अयान और खालिद सहित कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी इस पूरे नेटवर्क की केवल एक कड़ी हो सकता है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का संचालन वास्तव में पाकिस्तान से किया जा रहा था। इस मामले में खुफिया एजेंसियां भी पुलिस के साथ जांच में जुटी हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले अपने मोबाइल और टेलीग्राम अकाउंट से कई चैट डिलीट कर दी थीं। अब फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की मदद से डिलीट डेटा रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपी की भूमिका की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
वहीं, आरोपी के परिजनों ने पुलिस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मनीष निर्दोष है और उसे गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है।
इस बीच पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहने की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति धर्म या अन्य संवेदनशील विषयों से जुड़ी भड़काऊ सामग्री साझा करे या किसी तरह के दबाव या ब्लैकमेल की कोशिश करे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
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