Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 24 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें अभियोजन स्वीकृति, धारा 17-ए के तहत जांच, अनिवार्य सेवानिवृत्ति और विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामले शामिल हैं।

तीन प्रमुख विभागों के अधिकारियों पर गिरी गाज
पद और अधिकारों के दुरुपयोग कर अनैतिक लाभ लेने के मामलों में एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग के तीन अधिकारियों पर सड़क निर्माण कार्यों में संवेदक से मिलीभगत कर अवैध लाभ पहुंचाने के आरोपों में कार्रवाई की गई है।
सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी पर जांच
कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राजकीय भूमि की खातेदारी देने के मामले में एक सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी के खिलाफ धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच की अनुमति दी गई है। इसके अलावा सीसीए नियमों के अंतर्गत चार अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है, जबकि पांच सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
सरकार ने दोहराया है कि सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन उसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में दोषी कार्मिकों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
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