Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन तक बीजेपी और कांग्रेस ने अधिकांश जगहों पर उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की। पार्टियों ने कई जगह प्रत्याशियों को सीधे चुनावी सिंबल देकर नामांकन दाखिल कराने की रणनीति अपनाई। इसी बीच लंबी बैठक और मंथन के बाद बीजेपी ने दौसा जिले में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए।

दौसा नगर परिषद, बांदीकुई नगर पालिका और बेसवा नगर पालिका के लिए बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी की है। हालांकि, कुछ वार्डों में पार्टी ने अभी उम्मीदवार तय नहीं किए हैं।

दौसा में 55 में से 52 वार्डों पर BJP के प्रत्याशी

दौसा नगर परिषद में पार्षदों के चुनाव के लिए कुल 55 वार्ड हैं। बीजेपी ने इनमें से 52 वार्डों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने वार्ड नंबर 11 और 13 की एसटी सीटों को फिलहाल रिक्त रखा है। वहीं वार्ड नंबर 20, जो ओबीसी के लिए आरक्षित है, वहां भी अभी उम्मीदवार का नाम तय नहीं किया गया है। लंबी बैठक और संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा के बाद बीजेपी ने यह सूची जारी की। नामांकन की अंतिम तारीख होने के कारण अब घोषित उम्मीदवारों के सामने नामांकन प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है।

बांदीकुई में 40 में से 38 वार्डों पर उम्मीदवार

दौसा जिले की बांदीकुई नगर पालिका के लिए भी बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। यहां नगर निकाय चुनाव कुल 40 वार्डों में होना है। बीजेपी ने 40 में से 38 वार्डों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। दो वार्डों में अभी प्रत्याशी तय नहीं किए गए हैं। इनमें वार्ड नंबर 27 सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि वार्ड नंबर 31 सामान्य श्रेणी का है। पार्टी की ओर से बाकी दोनों वार्डों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए जाने का इंतजार है।

बेसवा नगर पालिका के 25 वार्डों पर भी सूची जारी

इसके अलावा दौसा जिले की बेसवा नगर पालिका के लिए भी बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। यहां कुल 25 वार्डों में चुनाव होना है और पार्टी ने इन वार्डों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन बीजेपी की ओर से अलग-अलग निकायों के लिए सूची जारी किए जाने से चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

आखिरी दिन तक सूची रोकने की रणनीति

राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने अधिकांश जगहों पर नामांकन के आखिरी दिन तक उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक नहीं की। इसके पीछे पार्टी स्तर पर संभावित बगावत और असंतोष को रोकने की रणनीति बताई जा रही है। कई जगह पार्टी ने उम्मीदवार को सार्वजनिक सूची देने के बजाय सीधे चुनावी सिंबल उपलब्ध कराया। इसके बाद प्रत्याशी नामांकन केंद्र पहुंचकर अपना पर्चा दाखिल कर रहे हैं। नामांकन केंद्रों पर कई जगह उम्मीदवारों की लाइन भी दिखाई दी। पार्टी के लिए यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टिकट की घोषणा पहले होने पर टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों के निर्दलीय चुनाव लड़ने या विरोध करने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में अंतिम समय तक नाम छिपाकर रखने और सीधे सिंबल देने की रणनीति अपनाई गई।

नामांकन के आखिरी दिन बढ़ी राजनीतिक हलचल

नगर निकाय चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया के अंतिम दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं। बीजेपी की ओर से दौसा जिले में प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद अब इन वार्डों में मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट हो गई है। वहीं जिन वार्डों में अभी उम्मीदवार घोषित नहीं हुए हैं, वहां पार्टी के फैसले का इंतजार है। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल राजनीतिक दलों का फोकस अपने उम्मीदवारों के नामांकन और बागी दावेदारों को साधने पर है।

पढ़ें ये खबरें