Rajasthan Nikay Chunav Result 2026: राजस्थान की 309 नगर निकायों के 10,245 वार्डों में मतगणना जारी है। सुबह 11 बजे तक घोषित परिणामों में भाजपा 1,401 वार्ड जीतकर सबसे आगे है। कांग्रेस ने 1,211 वार्डों में जीत दर्ज की है। आरएलपी को 33, सीपीआईएम को 5 और आम आदमी पार्टी को 2 सीटें मिली हैं। वहीं निर्दलीय 703 वार्ड जीत चुके हैं। ऐसे में कई निकायों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में आ गए हैं।

शुरुआती नतीजों में भाजपा की बढ़त के बाद पार्टी में उत्साह है। इसी बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी उनके साथ मौजूद हैं। तीनों नेताओं के बीच नगर निकायों में बोर्ड गठन को लेकर रणनीतिक चर्चा हो रही है।
जहां बहुमत से दूर, वहां निर्दलीयों पर नजर
कई निकायों में मुकाबला ऐसा है, जहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनने की स्थिति में है, लेकिन बोर्ड बनाने के लिए जरूरी बहुमत से दूर है। ऐसे निकायों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है। भाजपा ऐसे बोर्डों में निर्दलीयों के समर्थन की संभावनाओं पर रणनीति बना रही है।
मदन राठौड़ ने शुरुआती परिणामों पर खुशी जताते हुए कहा कि अभी सिर्फ प्रारंभिक आंकड़े सामने आए हैं और अंतिम तस्वीर के लिए सभी परिणामों का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, मौजूदा स्थिति भाजपा के पक्ष में दिखाई दे रही है।
राठौड़ बोले, प्रदेश में खिलेगा कमल
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी को पूरे राजस्थान में अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। शुरुआती आंकड़ों के आधार पर भाजपा बड़ी संख्या में नगर निकायों में बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत और मजबूती से काम किया है और उसका असर नतीजों में दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि अभी सभी निकायों के परिणाम आने बाकी हैं। इसलिए अंतिम तस्वीर स्पष्ट होने में समय लगेगा। हालांकि, शुरुआती नतीजों से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा के पक्ष में तस्वीर और बेहतर होने की उम्मीद है।
703 निर्दलीयों की जीत ने बढ़ाई हलचल
इस चुनाव में निर्दलीयों का प्रदर्शन खासा महत्वपूर्ण है। अब तक 703 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं। कई निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर कम होने की स्थिति में यही पार्षद बोर्ड गठन की दिशा तय कर सकते हैं।
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