Rajasthan Nikay Chunav Result 2026: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगर पालिका के चुनाव में एक नतीजे ने सबका ध्यान खींच लिया है। वार्ड नंबर 13 से BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र को सिर्फ एक वोट मिला। खास बात यह है कि कैलाश चंद्र खुद वार्ड नंबर 13 के मतदाता नहीं थे। वह वार्ड नंबर 12 के वोटर हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने के बावजूद वह अपने पक्ष में वोट भी नहीं डाल सके।

परबतसर नगर पालिका के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद यह मामला स्थानीय राजनीति और सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसी चुनाव में वार्ड नंबर 20 से RLP प्रत्याशी भंवरलाल को भी सिर्फ एक वोट मिला है।

वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी को 376 वोट

वार्ड नंबर 13 में BJP ने कैलाश चंद्र को प्रत्याशी बनाया था। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पार्टी को इस वार्ड में प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। इसके बाद कैलाश चंद्र को चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। उन्होंने पार्टी के निर्देश पर नामांकन दाखिल किया और मैदान में उतर गए। नतीजे आए तो कांग्रेस की हिना खानम को 376 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां के खाते में 195 वोट आए। BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र को सिर्फ एक वोट मिला।

खुद को वोट क्यों नहीं दे पाए?

कैलाश चंद्र का नतीजा इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि वह वार्ड नंबर 13 के मतदाता ही नहीं हैं। उनका परिवार भी वार्ड नंबर 12 का मतदाता बताया गया है। ऐसे में जिस वार्ड से उन्होंने चुनाव लड़ा, वहां वह खुद को वोट नहीं दे सके। यही वजह है कि उनके खाते में आया एक वोट अब चुनावी चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या BJP के सामने उम्मीदवार का संकट था?

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वार्ड नंबर 13 में BJP को उम्मीदवार नहीं मिल रहा था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति रोकने के लिए कैलाश चंद्र को मैदान में उतारा गया। हालांकि, उम्मीदवार का चयन किन परिस्थितियों में हुआ और इस संबंध में BJP संगठन का आधिकारिक फैसला क्या था, यह स्पष्ट नहीं है। इस मामले में पार्टी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

RLP प्रत्याशी को भी मिला सिर्फ एक वोट

परबतसर नगर पालिका के वार्ड नंबर 20 में RLP प्रत्याशी भंवरलाल को भी सिर्फ एक वोट मिला। उनका नतीजा भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। इस तरह परबतसर नगर पालिका चुनाव में दो प्रत्याशियों के खाते में सिर्फ एक-एक वोट आया। इनमें BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का मामला इसलिए अलग है क्योंकि वह जिस वार्ड से चुनाव लड़े, उसके मतदाता ही नहीं थे।

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