Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायकों ने 9 जिलों और 3 संभागों को खत्म करने के फैसले पर जमकर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर बिना ठोस आधार जिलों को समाप्त करने का आरोप लगाया और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

कांग्रेस का विरोध, जनसंख्या के आंकड़े मांगें
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से सवाल किया कि डीग-भरतपुर, अलवर-खेरथल और सांचौर-जालौर की दूरी का क्या तर्क है? अगर जनसंख्या के आधार पर जिले बनाए या हटाए गए हैं, तो सलूंबर, नीमकाथाना और गंगापुर सिटी की जनसंख्या के आंकड़े भी सामने रखे जाएं।
‘सड़क से सदन तक विरोध करेगी कांग्रेस’
कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने कहा कि जब देशभर में नए जिले बनाए जा रहे हैं, तो राजस्थान में जिलों को खत्म करने का औचित्य क्या है? यह जनता के साथ अन्याय है और कांग्रेस सड़क से सदन तक इस फैसले का विरोध करेगी।
सरकार का जवाब – कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए बनाए थे जिले
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए जिले बनाए थे। भाजपा सरकार ने जनता की मांग और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के जिलों का कोई ठोस आधार नहीं था, जनता ने उन्हें नकार दिया।”
क्या है मामला?
राजस्थान की भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार द्वारा 2023 में बनाए गए 17 नए जिलों में से 9 जिलों और 3 संभागों को समाप्त कर दिया है। कांग्रेस इस फैसले को जनता के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह राजनीतिक हितों के लिए बनाए गए जिले थे।
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