Rajasthan Politics: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीधा हमला बोला है। सीकर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन में कोई इतना बीमार नहीं हो जाता कि पद छोड़ दे। यह AIIMS का मेडिकल बुलेटिन नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक घटनाक्रम है।

सच बोलना बीजेपी को रास नहीं आया
डोटासरा ने साफ कहा कि धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से नहीं है, असली वजह कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराष्ट्रपति के हालिया बयानों से बीजेपी में बेचैनी थी खासकर उस वक्त जब धनखड़ ने कहा था कि विपक्ष दुश्मन नहीं होता, उसे सहजता से लेना चाहिए। डोटासरा बोले, यह बयान बीजेपी के घमंड को चुभ गया। आज की बीजेपी में जो भी संविधान, लोकतंत्र या विवेक की बात करता है, वो टिक नहीं पाता।
शालीनता से लिखा गया दर्द
डोटासरा ने कहा, धनखड़ साहब ने जो लिखा, वो सिर्फ औपचारिक बयान नहीं था, उसमें दर्द था। विपक्ष को दुश्मन न मानने वाली उनकी बात उनके अंतर्मन की आवाज थी और यही आवाज बीजेपी के अंदर कुछ लोगों को असहज कर गई। इस्तीफा उसी बेचैनी का नतीजा है।
यूज एंड थ्रो की बीजेपी राजनीति
कांग्रेस नेता ने तीखे शब्दों में कहा, बीजेपी में किसान या किसान का बेटा चाहे जितना संघर्ष कर ले, उसका कोई स्थायी स्थान नहीं है। धनखड़ को भी इस्तेमाल कर फेंक दिया गया। आज की बीजेपी सिर्फ यूज एंड थ्रो की राजनीति कर रही है। अपने विवेक से बोलने वालों के लिए वहां कोई जगह नहीं।
डोटासरा ने यह भी जोड़ा, आज जो नई बीजेपी बन रही है, वो सिर्फ हम दो, हमारे दो के इर्द-गिर्द सिमटी है। ये ट्रेंड देश के लिए बेहद खतरनाक है।
बता दें कि धनखड़ के इस्तीफे ने दिल्ली से जयपुर तक राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष इसे सत्ता के भीतर की दरार मान रहा है, वहीं भाजपा की ओर से अब तक कोई सीधा जवाब नहीं आया है।
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