Rajasthan Politics: राजस्थान में विधानसभा की 7 सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं, जहां सभी राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। लोकसभा चुनाव में 11 सीटें हार चुकी बीजेपी अब विधानसभा उपचुनाव में सभी सीटें जीतने के लिए जोर लगा रही है, जबकि कांग्रेस अपनी मौजूदा सीटों को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। शुक्रवार को सचिन पायलट ने इशारों में कहा कि कांग्रेस इन उपचुनावों में किसी भी दल से गठबंधन किए बिना अकेले मैदान में उतरेगी।

BJP का दावा: उपचुनाव में जीत हमारी होगी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी उपचुनाव में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, हम न केवल अपनी सीट जीतेंगे, बल्कि कांग्रेस से भी अन्य सीटें छीन लेंगे। सात सीटों में से छह कांग्रेस के पास हैं, जबकि एक सीट बीजेपी के पास है। राठौड़ ने विश्वास जताया कि भाजपा जनता के आशीर्वाद से इन सीटों पर कब्जा करेगी।
7 सीटों पर हो रहे हैं उपचुनाव
राजस्थान में दौसा, झुंझुनू, देवली उनियारा, खींवसर और चौरासी सीटों पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि इन विधानसभा सीटों के विधायक 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतकर सांसद बन गए हैं। वहीं, सलूंबर सीट भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा के निधन से खाली हुई है, और रामगढ़ सीट कांग्रेस विधायक जुबेर खान के निधन के बाद रिक्त हो गई है।
कांग्रेस के पास 4, BJP के पास 1 सीट
इन 7 सीटों में कांग्रेस के पास 4, बीजेपी के पास 1, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी के पास 1-1 सीटें हैं। बीजेपी उपचुनाव में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है और आस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सख्त रुख अपनाने की मांग कर रही है, जैसे हाल ही में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में ‘पशु चर्बी’ से जुड़े विवाद पर पार्टी ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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