अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में रिक्त पड़े तीन ट्रस्टी पदों को भरने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है. बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इन पदों पर नियुक्तियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है. संघ नेतृत्व, विश्व हिंदू परिषद और मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों के नामों पर लंबे समय से मंथन चल रहा है.

इसे भी पढ़ें- Ayodhya News: क्या सच में निर्मोही अखाड़े से बाहर हुए महंत दिनेन्द्र दास? प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया बड़ा खुलासा

अयोध्या के दो संत सबसे मजबूत दावेदार

सूत्रों के अनुसार, नियमित ट्रस्टी के लिए अयोध्या के आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण और स्वामी राजकुमार दास के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. दोनों संत लंबे समय से वैचारिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हैं तथा राम मंदिर आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है.

महासचिव और सीईओ को लेकर बना सस्पेंस

राम मंदिर दान चोरी प्रकरण के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई. फिलहाल कृष्ण मोहन कार्यवाहक महासचिव हैं, लेकिन उनके पूर्णकालिक महासचिव बनने को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है. वहीं, ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी अंतिम फैसला फिलहाल टलता नजर आ रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में आए आवेदनों की स्क्रीनिंग अभी पूरी नहीं हो सकी है.

विहिप और संत समाज के कई नाम चर्चा में

विश्व हिंदू परिषद की ओर से बीएल बांगड़ा, नीरज दानोदिया और हुकुम चंद्र सांवला जैसे नामों की भी चर्चा है. वहीं, निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास ने अयोध्या राजपरिवार के सदस्य एवं साहित्यकार यतीन्द्र मिश्र का नाम भी ट्रस्टी के लिए प्रस्तावित किया है.

इसे भी पढ़ें- प्रेस आईडी, बाइक और 35 लाख की स्मैक… बहराइच में पकड़ा गया तस्कर, जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

बैठक में कई अहम फैसलों की उम्मीद

बुधवार को होने वाली ट्रस्ट बैठक में नए ट्रस्टियों के चयन के अलावा दान प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. हालांकि सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय बाद की बैठक में लिया जा सकता है.