अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो में खामियां मिलने के बाद शासन ने अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया और अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संबंधित ठेकेदार फर्म को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया है.
अयोध्या. अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले श्रीराम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो में निर्माण संबंधी खामियां मिलने के बाद शासन ने कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद शनिवार को अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया, जबकि अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है.
इसी मामले में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया है. निलंबन की अवधि में फर्म मोर्थ, एनएचएआई और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी सड़क परियोजना की बिडिंग में हिस्सा नहीं ले सकेगी.
निरीक्षण में मिली खामियां
राष्ट्रीय मार्ग संख्या-731ए के राम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो का हालिया निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण टीम ने ग्रीफील्ड हाईवे के इस हिस्से में फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी पाई.
इसके अलावा करीब 1.5 किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें मिलीं. हाईवे के किनारे लगभग 500 मीटर लंबाई में किए गए सुरक्षात्मक कार्य के क्षतिग्रस्त होने की भी पुष्टि हुई.
अधिकारियों पर कार्रवाई
निरीक्षण टीम के मुताबिक एसई और एक्सईएन ने परियोजना के काम में अपने पर्यवेक्षण संबंधी दायित्वों का उचित तरीके से निर्वहन नहीं किया और आवश्यक सतर्कता नहीं बरती. मामले की जांच मुख्य अभियंता वाराणसी वृत्त को सौंपी गई है.
निलंबित किए गए एक्सईएन रवींद्र पाल सिंह को लखनऊ मुख्यालय स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध किया गया है. सचिव पीडब्ल्यूडी दिव्य प्रकाश गिरि ने भी निरीक्षण में सामने आई खामियों के आधार पर एसई के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई और एक्सईएन के निलंबन का आदेश जारी किया.
ठेकेदार पर भी रोक
मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) एके जैन ने सड़क निर्माण में खामियां मिलने के बाद एसई और एक्सईएन प्रयागराज को निलंबित करने की संस्तुति की थी. इस संबंध में पत्रावली आठ सितंबर को शासन को भेजी गई थी.
इसके साथ ही नई दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और स्वतंत्र अभियंता एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट को डिबार करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखा गया था.
शनिवार को मोर्थ के अधीक्षण अभियंता (नार्थ-दो) तनवीर एच. पानीवाला ने एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के अस्थायी निलंबन का आदेश जारी किया.



