कुंदन कुमार, पटना। राजद की पूर्व महिला नेता रितु जायसवाल आज मंगलवार (26 मई) को बीजेपी में शामिल हो गई हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। भाजपा में शामिल होने के साथ ही रितु जायसवाल ने तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने तेजस्वी को सलाह देते हुए कहा कि, अगर आपसे एक कार्यकर्ता आपके दरवाजे पर मिलने आता है, तो कम से कम उसे मिल लिया करिए। इससे पार्टी में टूट नहीं होगी। उन्होंने कहा कि, लालू जी इन सब चीजों को देखते थे। वह एक-एक कार्यकर्ता से मिलते थे, लेकिन तेजस्वी जी ऐसा नहीं करते हैं।

रोहिणी और तेजस्वी पर साधा निशाना

वहीं, जब उनसे यह पूछा गया कि आपने आरजेडी क्यों छोड़ दिया? तेजस्वी को आप राखी बांधती थीं। इसपर रितु जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि, राखी तो रोहिणी आचार्य भी बंधती थीं। उनके साथ क्या हुआ? मैं तो फिर भी मुंह बोली बहन हूं। वहीं, राजद से नाराजगी को लेकर किए गए सवाल पर रितु जायसवाल ने कहा कि कोई नारागजिगी नहीं है। परिहार की जनता अपनी जगह सही थी। वह अपनी जगह सही थे, उन्हें उस समय लगा होगा कि हमें जनता के बातों को अनसुना करना है।

बीजेपी में शामिल होने की बताई वजह

बता दें कि रितु जायसवाल के साथ कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा का दामन थामा है। रितु जायसवाल का बीजेपी में जाना राजद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के बाद रितु जायसवाल ने कहा कि, आज से मैं भाजपा की नेत्री हूं। उन्होंने कहा कि, मैंने भाजपा इसलिए ज्वाइन किया कि क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की ओर से चलाई जारी योजनाओं से काफी खुश हूं। तमाम योजना अंतिम पंक्ति तक बैठे लोगों के लिए काम कर रही है।

‘मुखिया दीदी’ के नाम से मशहूर हैं रितु

बता दें की रितु जयसवाल की गिनती एक ऐसे मुखिया के रूप में होती है, जिन्होंने अपने ग्राम पंचायत सिंह वाहिनी के लिए कई सराहनीय विकास कार्य किए थे। इसके लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया गया था। रितु जायसवाल की पहचान राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी होती हैं। उन्हें ‘मुखिया दीदी’ के नाम से भी जाना जाता है। राजद में वह एक बड़ा महिला चेहरा के रूप में थीं। ऐसे में अब उनका बीजेपी में जाना राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

राजद से बागी होकर निर्दलीय लड़ा था चुनाव

आपको बता दें कि नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में राजद से टिकट नहीं मिलने पर रितु जायसवाल ने बागी रुख अख्तियार करते हुए परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। दरअसल राष्ट्रीय जनता दल ने परिहार सीट पर रितु जायसवाल को टिकट नहीं देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता पर्व को चुनाव लड़ाया था। जिसका उन्होंने विरोध किया था और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी पेश कर दी थी। हालांकि चुनाव में रितु जायसवाल को सफलता तो नहीं मिली थी। लेकिन उन्होंने 65, 000 से भी ज्यादा मत प्राप्त किए थे। रितु जायसवाल के निर्दलीय चुनाव लड़ने से सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को हुआ था और वह परिहार सीट से चुनाव जीत गई थी।

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