कुंदन कुमार, पटना। बिहार में आरक्षण को लेकर जारी बयानबाजी के बीच राजद के प्रधान महासचिव सह विधायक रणविजय साहू का बड़ा बयान सामने आया है। रणविजय साहू ने यह आरोप लगाया है कि आरक्षण के मुद्दे पर एनडीए के घटक दल के नेता ऐसे ही बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यही है कि एनडीए घटक दल के कई नेता यह चाहते हैं कि आरक्षण समाप्त हो जाए।
‘सिर्फ दिखावे के लिए हो रही बयानबाजी’
रणविजय साहू ने कहा कि, चिराग पासवान या जीतन राम मांझी आरक्षण को लेकर जो बयान बाजी कर रहे हैं। वह सिर्फ दिखावा है। वह ठीक से जान रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी आरक्षण विरोधी है। उसके बावजूद भी अगर उनके साथ रहकर वह मंत्री पद का मलाई खा रहे हैं, तो फिर वह आरक्षण को लेकर बयान बाजी क्यों कर रहे हैं?
‘BJP की मानसिकता आज भी आरक्षण विरोधी’
राजद विधायक ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही चाह रही है कि आरक्षण नहीं रहे, जबकि हम लोग आरक्षण को लेकर लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारे नेता तेजस्वी यादव ने आरक्षण के कोटा को भी बढ़ाने को लेकर बिहार में काम किया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे रोक रखा है। उन्होंने कहा कि, निश्चित तौर पर आरक्षण की सीमा बढ़ानी चाहिए, जिन लोगों को अभी तक आरक्षण नहीं मिल रहा है। उन जातियों को भी इसमें शामिल करना चाहिए, जिससे की अंतिम पंक्ति में बैठे हुए जो लोग हैं। वह भी आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि चिराग पासवान हो या मांझी हो आरक्षण को लेकर जो बयान दे रहे हैं। वह सिर्फ और सिर्फ एक दिखावा है। भाजपा आरक्षण विरोधी पार्टी रही है और अभी भी उनकी मानसिकता वही है।
मांझी और चिराग के बीच जारी है बयानबाजी
गौरतलब है कि आरक्षण को लेकर बीते कई दिनों से बिहार एनडीए दल के सहयोगी और बिहार के दो बड़े दलित नेताओं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच बयानबाजी जारी है। चिराग पासवान का यह कहना है कि आरक्षण खैरात में नहीं मिला है। उसकी समीक्षा ना तो उन्हें मंजूर है और ना ही उनकी पार्टी को। वहीं, मांझी और उनकी पार्टी का कहना है कि आरणक्ष की समीक्षा होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हिस्सेदारी के हिसाब से आरक्षण कोटे में सब कोटे की भी मांग की है।
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