कुंदन कुमार/पटना। देश की प्रगति केवल सरकारी नीतियों पर निर्भर नहीं होती बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग विशेषकर सामाजिक संगठनों की भागीदारी अनिवार्य है। जब निजी संस्थाएं सरकार के सहयोगी बनकर धरातल पर काम करती हैं तो विकास की गति तेज हो जाती है। इसी विचारधारा को मूर्त रूप देते हुए पटना का रोटरी क्लब ऑफ कंकड़बाग समाज सेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।
हाल ही में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में क्लब ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की और आने वाले वर्षों के लिए समाज सेवा से जुड़ी अत्यंत प्रभावशाली योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। क्लब के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल तात्कालिक मदद करना नहीं, बल्कि समाज में ऐसे स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करें।
जनहित की अनूठी योजनाएं
रोटरी क्लब द्वारा घोषित योजनाओं में सबसे प्रमुख जीवन संध्या है जो एक अत्याधुनिक वृद्धाश्रम होगा। यह वृद्धजनों के लिए मात्र एक आश्रय नहीं बल्कि उनके लिए खुशियों और देखभाल का एक केंद्र होगा। इसके अतिरिक्त क्लब की अन्य योजनाओं में शामिल हैं:
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन और स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान।
- महिला सशक्तिकरण: किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष सेमिनार।
- नेत्र एवं स्वास्थ्य सहायता: नियमित नेत्र जांच शिविरों का संचालन और समाज के वंचित वर्गों को कृत्रिम अंग वितरित करना।
- बाल कल्याण: जरूरतमंद बच्चों के स्वास्थ्य उपचार में आर्थिक और चिकित्सीय सहायता प्रदान करना।
एक स्थायी बदलाव की नींव
यह पहल इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें रोटरी क्लब ने सेवा के साथ निरंतरता का संकल्प लिया है। क्लब के पदाधिकारियों का मानना है कि सेवा का सही अर्थ जरूरतमंदों को सशक्त बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस संवाददाता सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हर निजी संस्था अपने स्तर पर इसी तरह के उत्तरदायित्व का निर्वहन करे तो सामाजिक असंतुलन को बड़ी हद तक दूर किया जा सकता है।
रोटरी क्लब ऑफ कंकड़बाग का यह प्रयास न केवल पटना के नागरिकों के लिए आशा की किरण है बल्कि अन्य निजी संस्थाओं के लिए भी एक प्रेरणा है कि वे किस प्रकार सरकार के प्रयासों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।

