समस्तीपुर। जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां प्रेम विवाह से नाराज ग्रामीणों ने कानून को हाथ में लेते हुए एक परिवार को न केवल गांव से बेदखल कर दिया बल्कि उनके घर को भी जमींदोज कर दिया। खानपुर थाना क्षेत्र के रामनगर में हुई इस घटना ने सभ्य समाज की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​रामनगर निवासी अंकित कुमार और गांव की ही रहने वाली कोमल के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी वर्ष 21 मई 2026 को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। जैसे ही इस बात की भनक ग्रामीणों को लगी वे आक्रोशित हो गए। गांव में पंचायत बुलाई गई जहां शादी के दस्तावेजों को सरेआम फाड़ दिया गया और शादी को अवैध करार दिया गया। दबाव में कोमल को उसके परिजन वापस ले गए और दूसरी जगह शादी की तैयारी करने लगे। हालांकि कोमल और अंकित ने हार नहीं मानी और दोबारा भागकर मंदिर में विवाह कर लिया।

​पंचायत का तालिबानी फरमान और परिवार पर जुल्म

​दंपति के दूसरी बार शादी करने से ग्रामीण और भड़क गए। पंचायत ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया और अंकित के परिवार को गांव से बाहर निकालने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया। उस समय घर पर अंकित का बड़ा भाई अमलेश कुमार झा और उनकी बुजुर्ग मां मौजूद थी। अमलेश का आरोप है कि नाराज ग्रामीणों ने न केवल उनके घर को तोड़ दिया बल्कि घर में रखे कीमती सामानों की लूटपाट भी की। इतना ही नहीं अमलेश को सुनसान जगह पर ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। आज स्थिति यह है कि अंकित का पूरा परिवार अपनी जान बचाकर दर-दर भटकने को मजबूर है।

​प्रशासन का क्या है कहना?

​पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से वे मायूस हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने कहा कि पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है। पूर्व में हुई मारपीट को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है हालांकि आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। डीएसपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। यह घटना समाज में व्याप्त कट्टरता और कानून के प्रति बेखौफी को दर्शाती है जिसे समय रहते नियंत्रित करना अनिवार्य है।