संजय तिवारी, बलिया. बांसडीह सीट को लेकर संजय सिंह केतकी सिंह पर निशाना साधा है. संजय सिंह ने कहा कि बलिया में हमारी दो सीटे है एक बलिया से बीजेपी की और दूसरी निषाद पार्टी से बांसडीह की सीट है. 2027 में बलिया की सातों सीट किसे जीतें और बूथ स्तर से लेकर संगठन स्तर पर काम कर रहे हैं. एक बेहतर रणनीति के तहत 2027 में हम लोग आएंगे. हम लोग एक ऐतिहासिक बलिया की सातों की सातों सीटें जीतेंगे.
संजय सिंह ने कहा कि यहां की वह विधायक है केतकी सिंह और वह अवसर की राजनीति करती हैं. 2012 में जब चुनाव लड़ी और भारतीय जनता पार्टी ने एक नए व्यक्ति को मौका दिया. 2017 में बांसडीह विधानसभा की सीट गठबंधन में गई तो भारतीय जनता पार्टी के विचारों को त्यागकर और शीर्ष नेतृत्व की बात को न मानकर चुनाव निर्दल लड़ी और हारी भी.
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2022 में जब यह सीट निषाद पार्टी के खाते में गई और भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर लिया और निषाद पार्टी में आई और निषाद पार्टी हाथ जोड़कर बोला कि नही मैं पार्टी के लिए काम करूंगी. उन्होंने निषाद पार्टी को आश्वासन दिया कि नहीं हम निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ रहेंगे.यह अवसर की राजनीति है उनको अब लग रहा है कि निषाद पार्टी की आवश्यकता नहीं है.निश्चित ही पार्टी इसपर समीक्षा कर रही है और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग हो रही है निषाद पार्टी और मुझे नही लग रहा कि उनकी जो नीतियां और उनकी व्यवस्थाएं है हम लोग उनको 2027 में रिपीट करेंगे.
संजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व इस पर विचार कर रहा है एक दूसरे का दरवाजा खटखटा रही है. वह बांसडीह की सीट निषाद पार्टी की है और रहेगी. मैं तो बांसडीह विधानसभा घूम रहा हूं विकास तो नहीं हुआ है. मैं आज बंधा पर गया था और बंधा पर जो कटान की स्थितियां है मुझे लगता है कि विधायक ने साढ़े चार सालों में प्लानिंग से कोई काम नहीं किया है और बांसफीह विधानसभा में संगठन भी दुखी है बस थाने और कचहरी की राजनीति हुई है. इस राजनीति से बाहर निकल कर आपको जनता के बीच जाकर जनता के विकास की राजनीति करने में यह असफल रही है. इस पर सही रिपोर्ट नहीं मिल रही है लेकिन इस पर शीर्ष नेतृत्व निर्णय करेगी.लेकिन बांसडीह में विकास नही है.



