अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। जिले के मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल के निजी सुरक्षा गार्ड अपनी मांगों को लेकर मुखर हो चुके हैं। समय पर मानदेय का भुगतान न होने और नई संस्था द्वारा की जा रही अवैध वसूली से नाराज सुरक्षा गार्ड इन दिनों अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह पूरा आंदोलन बिहार राज्य निजी सुरक्षा कर्मचारी यूनियन के बैनर तले चलाया जा रहा है।
​कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि अस्पताल में निजी स्तर पर नई संस्था को सुरक्षा का जिम्मा सौंप दिया गया है, जिसके बाद से पहले से कार्यरत अनुभवी कर्मियों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। नई कंपनी द्वारा पुराने गार्डों को दोबारा ड्यूटी पर रखने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।

​यूनियन अध्यक्ष का गंभीर आरोप

​यूनियन के रोहतास जिला अध्यक्ष सुनील पांडे ने मामले पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए बताया कि नई कंपनी के लोग एक-एक गार्ड से 30 से 40 हजार रुपये की अवैध रकम मांग रहे हैं। रुपये देने के बाद ही उन्हें पुनः काम पर रखने की बात कही जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर इन सुरक्षाकर्मियों के लिए इतनी बड़ी रकम देना असंभव है, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

​प्रशासनिक उदासीनता से बढ़ा आक्रोश

​सुरक्षा गार्डों का कहना है कि उन्होंने अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार सिविल सर्जन से लेकर जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों तक गुहार लगाई। बार-बार लिखित और मौखिक शिकायत करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं की गई। अधिकारियों के इस उदासीन रवैये से मजबूर होकर आखिरकार सुरक्षाकर्मियों को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना देने के लिए विवश होना पड़ा।