अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में चल रही जानलेवा अवैध कोयला खदानों पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चल गया। जमीन के नीचे गुफानुमा बनाई गई ये खदानें न सिर्फ अवैध खनन का जरिया बनी हुई थीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और मवेशियों के लिए भी किसी बड़े हादसे का खतरा बन चुकी थीं।
जिले के अमलाई थाना अंतर्गत बटुरा और टिकुरीटोला क्षेत्र में मौत का सामान बन चुकी अवैध कोयला खदानों पर पुलिस और SECL प्रबंधन ने मिलकर बड़ा प्रहार किया। यहां जमीन के सीने को चीरकर बनाई गई गुफानुमा सुरंगों को जेसीबी मशीनों की मदद से जमींदोज कर दिया गया है। इन खदानों में संकरी और गहरी सुरंगें बनाकर कोयला निकाला जा रहा था। ये सुरंगें इतनी खतरनाक थीं कि कभी भी धंस सकती थीं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
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स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों और संभावित खतरे को देखते हुए अमलाई पुलिस और एसईसीएल (SECL) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 5 गुफानुमा सुरंगों को पूरी तरह से पाटकर बंद कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और खुले गड्ढों को भी भर दिया गया, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सके।
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बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इन अवैध खदानों को कई बार बंद कराया जा चुका है, लेकिन खनन माफिया फिर से सुरंगें खोदकर कोयला निकालना शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि प्रशासन को एक बार फिर सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।


