देशभर में सुर्खियों में बने केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने दावा किया है कि पुलिस के पास उनकी मुवक्किल के खिलाफ न तो कोई प्रत्यक्ष सबूत है और न ही कोई चश्मदीद गवाह। उनका कहना है कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता और जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
‘सिया जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं’
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस की जांच अभी जारी है और इस चरण में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जो सिया गोयल की संलिप्तता को निर्णायक रूप से साबित करता हो। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई स्वतंत्र गवाह या प्रत्यक्षदर्शी है जिसने कथित घटना को अपनी आंखों से देखा हो। वकील के अनुसार, सिया जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही हैं ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके और अदालत के समक्ष तथ्य स्पष्ट हो सकें।
पुलिस तकनीकी सबूतों पर कर रही भरोसा
वहीं दूसरी ओर, पुणे ग्रामीण पुलिस का दावा है कि उसके पास मामले से जुड़े मजबूत तकनीकी साक्ष्य मौजूद हैं। जांच के अनुसार, सिया गोयल और उनके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी पिछले छह महीनों से लगातार संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि इस दौरान दोनों के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुईं और उन्होंने लगभग 238 घंटे तक बातचीत की। कई कॉल दो से तीन घंटे से अधिक समय तक चलीं, जिसे जांच एजेंसियां मामले के अहम पहलू के रूप में देख रही हैं।
जांच के नतीजों पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल, मामले में पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। जहां बचाव पक्ष प्रत्यक्ष साक्ष्यों के अभाव की बात कर रहा है, वहीं पुलिस तकनीकी प्रमाणों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में अब सभी की निगाहें जांच के अंतिम निष्कर्ष और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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