राकेश कथूरिया, कैथल। एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में चल रही स्किल स्प्रिट वर्कशॉप का समापन हो गया है। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के सेमिनार हॉल में एक शानदार समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कैथल और उसके आसपास के गांवों से आए छात्रों को सर्टिफिकेट बांटे गए। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ हुनरमंद बनाना और उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना था। कार्यशाला के अच्छे माहौल और पढ़ाई के तरीके को देखकर कई छात्रों ने मौके पर ही यूनिवर्सिटी के नए कोर्स में एडमिशन ले लिया।

रोजगार के लिए हुनर जरूरी
समारोह की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के कई सीनियर प्रोफेसर और विभागों के मुखिया मौजूद रहे। सोशल साइंस विभाग की डीन डॉ एकता चहल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। अगर छात्रों के पास कोई हुनर होगा तो वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे और उन्हें आसानी से काम मिल सकेगा। ऐसी कार्यशालाएं बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके व्यक्तित्व को निखारने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
रैंप वॉक और साड़ी पहनने की कला का प्रदर्शन
समारोह के दौरान ब्यूटी वेलनेस विभाग की तरफ से साड़ीसूत्रा नाम की एक खास एक्टिविटी कराई गई। इसमें छात्रों ने अलग-अलग तरीकों से साड़ी पहनने की कला का प्रदर्शन किया। छात्रों ने पारंपरिक कपड़ों में रैंप वॉक भी किया, जिसे देखकर वहां मौजूद माता-पिता और मेहमानों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके साथ ही बेकिंग कला, कपड़ा छपाई और डांस सीखने वाले बच्चों को भी सर्टिफिकेट और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया।
यूनिवर्सिटी के माहौल से प्रभावित हुए अभिभावक
इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि यहां आए छात्र यूनिवर्सिटी के माहौल और शिक्षकों के सिखाने के तरीके से बेहद प्रभावित हुए। कई छात्र-छात्राओं ने आगे की पढ़ाई के लिए इसी संस्थान को चुना है। खासकर फैशन डिजाइनिंग और ब्यूटी कोर्स में बच्चों ने तुरंत अपने दाखिले पक्के कराए। अभिभावकों ने कहा कि यहां बच्चों को प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया जाता है, जो उनके भविष्य के लिए बहुत अच्छा है। यूनिवर्सिटी ने आगे भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही है।

