Snan Purnima 2026, वाराणसी. देशभर में आज स्नान पूर्णिमा (Snan Purnima 2026) का पर्व मनाया जा रहा है. मंदिरों में अनुष्ठान हो रहे हैं. ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महाप्रभु श्री जगन्नाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है. गर्मी से राहत देने के लिए जगन्नाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है. स्नान पूर्णिमा पर गंगाजल समेत अलग-अलग सरोवरों के जल से महाप्रभु समेत बड़े भइया बलभद्र, बहन सुभद्रा और सुदर्शन (सुदर्शन चक्र) को स्नान कराया जाता है. इस अवसर पर अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा.

⁠धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महास्नान के बाद महाप्रभु श्री जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं. स्नान बेदी से जाने के बाद आज से 15 दिनों के लिए महाप्रभु के मंदिर के पट बंद हो जाएंगे. यानी आज से 15 दिनों तक महाप्रभु समेत चारों विग्रहों के दर्शन नहीं होंगे. इस दौरान मंदिर में रोज की तरह पूजा-अर्चना, अनुष्ठान आदि नहीं होते. ना ही भगवान की आरती होती है. ये 15 दिन महाप्रभु सिर्फ आराम करते हैं. उन्होंने रोजाना की तरह 56 भोग भी अर्पित नहीं किया जाता. इस दौरान महाप्रभु सिर्फ औषधी लेते हैं.

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15 दिनों तक महाप्रभु का उपचार चलता है. जिसके बाद 16वें दिन महाप्रभु का नेत्रोत्सव मनाया जाता है. जब महाप्रभु अपने भक्तों को नवयौवन रूप में दर्शन देते हैं. इसके दूसरे दिन यानी 16 जुलाई को महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बड़े भइया बलभद्र महाप्रभु, बहन सुभद्रा और सुदर्शन चक्र रथारूढ़ होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे. इस दौरान महाप्रभु अपने भक्तों से मिलने के लिए उनके बीच जाएंगे.