कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़ । हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में शनिवार को रोहतक के गरिमा गार्डन में आयोजित पूर्व सांसद की बैठक ने नए राजनीतिक संकेत दे दिए। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी और उनके कार्यकाल में करीब एक दशक तक प्रिंसिपल ओएसडी रहे एम.एस. चोपड़ा की अग्रिम पंक्ति में मौजूदगी ने कांग्रेस के अंदर बदलते समीकरणों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। हालांकि इस उपस्थिति को लेकर किसी भी नेता की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
बैठक का एक और दृश्य राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना।

वरिष्ठ नेता मंच पर बैठने की बजाय आम कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जाकर बैठ गए। राजनीतिक जानकार इसे भी एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
वहीं एम.एस. चोपड़ा की मौजूदगी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे लंबे समय तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोर टीम का हिस्सा रहे हैं और प्रशासनिक से लेकर राजनीतिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।
हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग नेताओं के प्रभाव वाले समूहों की चर्चा होती रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, , और चौधरी बीरेंद्र सिंह के अलग-अलग राजनीतिक प्रभाव को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रही हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से संगठन की एकजुटता की बात करता है, लेकिन प्रदेश स्तर पर अलग-अलग नेताओं की सक्रियता लगातार राजनीतिक विश्लेषण का विषय बनी रहती है।
वर्तमान में कांग्रेस विधायक दल में सबसे अधिक समर्थन भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ माना जाता है। पिछले एक दशक से अधिक समय में उन्होंने अपने समर्थक विधायकों को एकजुट बनाए रखा है। दूसरी ओर, पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह भी लगातार अपनी अलग राजनीतिक पहचान मजबूत करने में जुटे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों को कवर करने वाली यात्रा निकाली थी।
इस यात्रा को लेकर भी कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राजनीतिक संदेश निकाले गए थे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वयं इस यात्रा में शामिल हुए थे, जिसे बृजेंद्र सिंह के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा गया।
प्रदेश कांग्रेस में इस समय एक ओर सांसद संगठन और जनसंपर्क अभियान में सक्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर बृजेंद्र सिंह भी लगातार अपना जनाधार मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में एम.एस. चोपड़ा जैसे हुड्डा के सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में गिने जाने वाले नेता का बृजेंद्र सिंह के कार्यक्रम में दिखाई देना भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई नए सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन हरियाणा कांग्रेस के भीतर इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में पार्टी की आंतरिक राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
