जुबैर अंसारी, सुपौल। जिले में सदर थाना क्षेत्र के जामिया तुस सालेहता एजुकेशनल ट्रस्ट में संचालित निजी मदरसे में उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब अचानक चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इतना ही नहीं सभी छात्राएं बेहोश हो गई और बेहोशी की हालत में उन्हें सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा की मौत हो गई। घटना के बाद मदरसे में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।

मृतक अल्फिशा की मां ने दी थी मिठाई और समोसा

मदरसा प्रबंधन के अनुसार, यहां करीब 60-65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। संस्था लगभग दो वर्षों से संचालित है। मृत बच्ची भी करीब डेढ़-दो साल से इसी परिसर में रह रही थी। संचालक खलील रहमान ने बताया कि सोमवार को अल्फिशा की मां बच्ची से मिलने आई थीं। वह मिठाई और समोसा देकर वापस चली गईं। इसके बाद इन्हें खाने वाली चार छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा बेहोश हो गईं। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए निजी क्लीनिक में ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान अल्फिशा ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से किया इंकार


घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मदरसे पहुंची। परिसर का निरीक्षण करने के साथ संचालक और वहां मौजूद शिक्षकों से पूछताछ की गई। सदर एसडीपीओ ने भी प्रबंधन से घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस छात्राओं के बीमार पड़ने की वजह, खाने की गुणवत्ता और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मृतका के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया है।

मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम

सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे। मदरसे में बड़ी संख्या में बच्चियां आवासीय सुविधा के तहत रह रही हैं। इनमें एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि दो-तीन अन्य का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। प्रशासन उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहा है।

उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय से डीपीओ सहित पदाधिकारी मदरसे के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि संस्था को छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति है या नहीं और इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं। पुलिस की ओर से भी घटना की अलग से पड़ताल की जा रही है।

डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम पहुंची

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम मदरसे पहुंची। अधिकारियों ने संस्था के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं और छात्राओं के रहने की व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाई। दस्तावेजों की जांच के साथ घटना के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। सदर डीएसपी के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला फूड प्वाइजनिंग प्रतीत हो रहा है। हालांकि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस-प्रशासन

फिलहाल पुलिस और प्रशासन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, एसपी शरथ आरएस का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बसबिट्टी रोड स्थित एक मदरसे में पढ़ने वाली एक बच्ची की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। दो-तीन अन्य बच्चों के भी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना है।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। डॉक्टरों से बातचीत और जांच के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण की जानकारी सामने आएगी। ये बात तो साफ है बच्ची की मौत ने मदरसा संचालक को घेरे मे ले लिया है।

ये भी पढ़ें- PM Modi के जन्मदिन पर 10 लाख दीपों से जगमगाएगा बिहार, 8 हजार कार्यकर्ता करेंगे रक्तदान, जानें BJP का पूरा प्लान