तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जेड सुरक्षा छोड़ दी है। इसके लिए हरप्रीत सिंह ने खुद जेड सुरक्षा वापस लेने के लिए केंद्र को पत्र लिखा था। वह लगातार कई बार इसके लिए पत्र लिख चुके थे। लंबे समय तक चर्चा के रहने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था।
हरप्रीत लगातार अपनी सिक्योरटी वापस करने की बात कर रहे थे। केंद्र को इसके लिए एक से अधिक बार पत्र भी लिखा इस पर कार्रवाई करते हुए आज केंद्र ने उनसे जेड सुरक्षा वापस ले ली है। सिखों के चौथे तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत की सुरक्षा में करीब 15 से 20 कर्मचारी तैनात थे।
आपको बता दें 2022 में पंजाब सरकार ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा से आधे कर्मचारी वापस ले लिए थे जिसके बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने उन्हें जेड कैटिगरी की सुरक्षा मुहैया कराई थी। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के कमांडो को सौंप दी गई थी जो हमेशा उनके साथ रहते थे।

इस कारण दिया इस्तीफा
हरप्रीत ने पिछले महीने ही इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा पर बड़ा आरोप लगाया था कि वह उन्हें बार-बार निशाना बना रहे हैं। उन्होंने तब एक वीडियो जारी कर पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से सुरक्षा वापस लेने की भी मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अब उनके पास कोई पद नहीं है, जिसके उन्हें सिक्योरिटी की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।
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