कुंदन कुमार/पटना। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, खाली सरकारी खजाने और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली राजनीति को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

​चुनावी वादों की पोल और आर्थिक संकट

​तेजस्वी यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं को जो दस-दस हजार रुपये दिए गए थे, वह महज एक चुनावी हथकंडा था। तेजस्वी ने सवाल किया कि उस योजना की अगली किस्त कब जारी की जाएगी? सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। इसके साथ ही उन्होंने वृद्धों और असहायों को समय पर पेंशन न मिलने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है।

​बेखौफ अपराधी और महिलाओं की सुरक्षा

​राज्य में कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराध की दर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म और हत्या के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, जिससे समाज में डर का माहौल व्याप्त है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि सरकार विकास के झूठे दावे कर रही है।

​सामाजिक विभाजन की राजनीति

​नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की जगह समाज को बांटने में लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यह सरकार सिर्फ हरा और नीला गमछा की राजनीति करके समाज को अलग-अलग गुटों में बांटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार सरकार का काम सबको साथ लेकर चलना होता है, लेकिन यहां ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो राज्य के भविष्य के लिए बेहद घातक है।

​जनता ने समझ लिया सरकार का असली चेहरा

​अंत में तेजस्वी यादव ने कहा कि अब बिहार की जनता इस सरकार की नीयत और नीति को पूरी तरह समझ चुकी है। विकास के नाम पर सिर्फ बातें करने वाली यह सरकार धरातल पर फेल हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सरकार सामाजिक समरसता न बना सके और सुरक्षा न दे सके, उससे विकास की उम्मीद करना बेमानी है।