अखिलेश बिल्लौरे, हरदा। जिले में अवैध शराब के कथित कारोबार को लेकर एक बार फिर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सामने आए तीन वीडियो में कथित तौर पर स्कूल के आसपास शराब बिक्री, किराना दुकानों के माध्यम से शराब उपलब्ध कराने और घरों तक शराब पहुंचाने के दृश्य होने का दावा किया जा रहा है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो यह न केवल आबकारी व्यवस्था, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और प्रशासन के नशामुक्ति अभियान पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
महिलाओं को बनाया जा रहा ‘ढाल’?
एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर शराब ठेकेदार की बोलेरो गाड़ी क्रमांक MP07 ZO 4887 में बैठे एक व्यक्ति द्वारा एक महिला को शराब की पेटी दिए जाने का दृश्य बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांवों में महिलाओं को भी शराब के इस कथित नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि महिलाओं के माध्यम से शराब पहुंचाने पर शक कम होने का फायदा उठाया जा सकता है। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कुछ लोगों को गांव में शराब बेचने के बदले हर महीने करीब एक लाख रुपये कमाने का लालच दिया जा रहा है। यही वजह बताई जा रही है कि शराब की कथित सप्लाई अब गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रही है। एक तरफ नशामुक्ति की पाठशाला, दूसरी तरफ स्कूल के पास शराब! प्रशासन कब जागेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ प्रशासन स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने की सीख देने के लिए नशामुक्ति अभियान चला रहा है, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों के आसपास ही शराब बिक्री के आरोप सामने आ रहे हैं। यदि स्कूल से महज 100 मीटर के दायरे में शराब बिकने की पुष्टि होती है तो यह बच्चों के भविष्य और अभियान की गंभीरता दोनों के लिए चिंताजनक स्थिति होगी।
अवैध शराब का बढ़ता कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है। इसका असर परिवारों की आर्थिक स्थिति, घरेलू माहौल, युवाओं और सड़क सुरक्षा पर भी पड़ता है। शराब के नशे में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन को केवल लोगों को समझाइश देने के बजाय शराब के अवैध नेटवर्क पर भी सख्ती दिखानी होगी। इधर आपका भी विभाग के अधिकारी सुनील भोजने से इस बारे में चर्चा की तो उन्होंने अपने स्टेटमेंट देने से साफ मना कर दिया। जब इस संबंध में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने निश्चित ही कार्रवाई करने की बात कही।
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