मुजफ्फरपुर। नेपाल के तराई क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने बिहार के तिरहुत प्रमंडल की धड़कनें बढ़ा दी हैं। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण तिरहुत क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। जलस्तर के तेजी से बढ़ने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और कई जगहों पर संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं।

​चचरी और पीपा पुल प्रभावित, जनजीवन अस्त-व्यस्त

​नदियों के उफान के कारण मुजफ्फरपुर सहित तिरहुत प्रमंडल के कई हिस्सों में आवागमन के मुख्य साधन ‘चचरी’ (बांस के पुल) और ‘पीपा पुल’ गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। जलस्तर बढ़ने से कई रास्तों पर पानी चढ़ गया है, जिसके चलते ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। स्थिति को भांपते हुए निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों ने एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।

​प्रशासन का हाई अलर्ट: आयुक्त ने दिए निर्देश

​संभावित बाढ़ की आपदा को देखते हुए तिरहुत आयुक्त गिरवर दयाल सिंह ने मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण इन छह जिलों के जिलाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

  • ​तटबंधों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए।
  • ​संवेदनशील स्थानों पर बचाव दल और आवश्यक संसाधनों की तैनाती तत्काल प्रभाव से की जाए।
  • ​राहत शिविरों को तैयार रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत वहां शिफ्ट किया जा सके।

​फ्लैश फ्लड की आशंका से इनकार नहीं

​आयुक्त गिरवर दयाल सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि भले ही बिहार के भीतर बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा हो लेकिन नेपाल में हो रही अनवरत वर्षा के कारण फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पर बारीकी से नजर रख रहा है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की पूरी तैयारी है। फिलहाल, जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे के इलाकों में सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखने और किसी भी अनहोनी को टालने का दावा किया है।