TMC सुप्रिमों और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बात करें तो जैसे किसी की नजर लग गयी है. एक के बाद एक सभी उनसे दूर होते जा रहे है या फिर किनारा करते जा रहे है. आज का दिन तो मानों उनके जीवन का एकदम काला दिन साबित हो रहा है. आज पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एकसाथ तीन बड़े बड़े झटके लगे हैं. पहला झटका ऋतब्रत बनर्जी ने दिया. दूसरे झटके की बात करें तो उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को ED ने शिक्षक भर्ती घोटाले में 15 जून को पूछताछ के लिए बुलाया है. ताजा ताजा तीसरा झटका भी दिन समाप्त होते होते सुनने को मिल गया कि TMC विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है.
TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा कि फिरहाद हकीम ने बार-बार हमारी पार्टी नेता से इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी. ममता बनर्जी ने फिरहाद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
TMC में जारी अंदरूनी कलह में सुलह की कोई गुंजाइश नजर नहीं दिख रही है. पार्टी से बगावत कर चुके नेता ऋतब्रत बनर्जी को बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने की मंजूरी दे दी है. 58 विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर नई विपक्षी टीम गठित की है जिसमें ऋतब्रत बनर्जी नेता हैं. ममता बनर्जी ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को इस पद के लिए नामित किया था. इसतरह ममता बनर्जी को पहला झटका लगा.
टीमसी सांसद और अभिषेक बनर्जी की बात करें और मुसीबत की चर्चा ना हो तो ताज्जुब की बात लगती है. इनकी तो मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कथित फर्जी हस्ताक्षर विवाद में राज्य CID द्वारा तलब किए जाने के बाद अब ED ने एक और कदम आगे बढ़ाया है. प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए ईडी के अधिकारियों की एक टीम सीधे समन थमाने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर जा पहुंची. इसतरह ममता बनर्जी को दूसरा झटका लगा.
आगे ताजा ताजा तीसरा झटका में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम का जुड़ता है. TMC विधायक फिरहाद हकीम ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया. ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे पर सहमति जताई है.
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