Dharm Desk – इस समय ज्येष्ठ अधिकमास चल रहा है और आज की पूर्णिमा को अत्यंत शुभ और फल देने वाली है. हिंदू धर्म में अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. हर तीन साल में एक बार आने के कारण इस पूर्णिमा का महत्व सामान्य पूर्णिमा से कई गुना अधिक होता है, शास्त्रों में इसे सर्व सिद्धि दायिनी पूर्णिमा कहा है, यानी इस दिन किए गए पूजा-पाठ, व्रत और दान से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है.

पूर्णिमा तिथि कब प्रारंभ होगी

पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 30 मई को सुबह 11:57 बजे शुरू होकर 31 मई को दोपहर 2:14 बजे तक रहेगी. व्रत 30 मई को रखा गया, लेकिन स्नान-दान के लिए 31 मई का दिन अधिक शुभ माना गया है क्योंकि इस दिन उदया तिथि का प्रभाव रहेगा. आज अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:47 बजे तक रहेगा.

सत्यनारायण भगवान की कथा का महत्व

पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित होती है, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है. आज के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा करने का विशेष महत्व व पुण्य मिलता है. साथ ही इस दिन स्नान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. जिसका फल कभी समाप्त नहीं होता है.

ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को विशेष महत्व

आज किए कुछ सरल उपाय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते है.

  • पहला उपाय यह है कि मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने 11 पीली कौड़ियां रखकर उन पर हल्दी का तिलक लगाएं. पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें. इससे धन का प्रवाह बढ़ता है.
  • दूसरा उपाय पीपल के पेड़ से जुड़ा हैं. पूर्णिमा के दिन पीपल में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास होता है, ऐसे में शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाकर सात परिक्रमा करने से कर्ज से मुक्ति और व्यापार में उन्नति मिलती है.
  • तीसरा उपाय चंद्रदेव को अर्घ्य देने का है. पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध मिश्रित जल अर्पित करने से चंद्र दोष शांत होता है और मानसिक शांति के साथ आर्थिक लाभ भी मिलता है. अधिकमास की यह पूर्णिमा अपने आप में दुर्लभ मानी जाती है.