सतीश सिंह, बहराइच. बहराइच जिले में नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड (Nepalganj Road-Nanpara-Bahraich rail section) की शुरुआत के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस रूट पर शुरू होने वाली पहली ट्रेन रुपईडीहा से वाराणसी बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचाने का काम करेगी. काशी विश्वनाथ धाम के लिए यह ट्रेन वाराणसी सिटी तक जाएगी.

रेल मंत्री द्वारा घोषित चार अन्य ट्रेनों के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह कनेक्टिविटी केवल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की समृद्धि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. इससे क्षेत्र में विकास की अनंत संभावनाएं बढ़ेंगी. उद्योग लगेंगे, व्यापार बढ़ेगा, पर्यटन और कृषि को नया आयाम मिलेगा. साथ ही कतर्निया इको टूरिज्म केंद्र तक पहुंच आसान होगी.

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हाल ही में नेपाल में हुई भीषण प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि इस त्रासदी से मित्र राष्ट्र नेपाल के साथ भारत समेत दुनिया के कई देशों के लोग प्रभावित हुए. उन्होंने नेपाल के उन सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपने सदस्यों को खोया. भारत के प्रभावित परिवारों और अन्य नागरिकों के परिजनों के प्रति भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का केवल राजनीतिक मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि सांझी सांस्कृतिक विरासत भी है. भगवान पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक और जनकपुर से अयोध्या तक की यह विरासत दोनों देशों में श्रद्धा से स्मरण की जाती है. लोग एक-दूसरे के धामों में जाकर इसका आदर करते हैं.

विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं

मुख्यमंत्री ने महराज सुहेलदेव का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 1000 वर्ष पहले बहराइच में ही उन्होंने विदेशी आक्रांता सालार मसूद को मिट्टी में मिलाया था और भारत की धरती को आक्रांताओं से मुक्त रखा था. आश्चर्य की बात है कि आजादी के बाद दशकों तक महराज सुहेलदेव को विस्मृत रखा गया, जबकि आक्रांता के नाम पर उर्स और मेला लगाकर भारत को अपमानित किया जाता था. आज विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं है, बल्कि महराज सुहेलदेव की विजयगाथा कहता हुआ उनका भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका है.

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सीएम योगी ने कहा कि कभी इस सीजन में क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का कहर छा जाता था. मासूम बच्चे दम तोड़ते थे और पिछली सरकारें इसे अज्ञात बीमारी कहकर मौतों पर पर्दा डालती थीं. डबल इंजन की सरकार आने के बाद बीमारी को ढूंढ निकाला गया और उसका उन्मूलन किया गया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से माफिया समाप्त हुआ तो इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां भी हमेशा के लिए समाप्त हो गईं.