निशांत राजपूत, सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में आदमखोर बाघ के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को खौफजदा कर दिया है। रविवार को जिले के बरघाट और कुरई वन क्षेत्रों में बाघ ने अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं को अपना शिकार बना लिया। दोनों ही घटनाओं में महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी वारदातों के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
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पहली घटना: खेत जाते समय महिला पर बाघ का हमला
बाघ के हमले की पहली दर्दनाक घटना वन विकास निगम के बरघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मऊ के बीजा टोला गांव में हुई। यहां रहने वाली महिला सेवबती मर्सकोले सुबह अपने घर से खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ के इस जानलेवा हमले में सेवबती को संभलने का मौका भी नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दूसरी घटना: खेत से लापता महिला का जंगल में मिला शव
बाघ के शिकार की दूसरी घटना दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत कुरई तहसील के जामरापानी क्षेत्र में सामने आई। यहां रहने वाली शांति बाई कुमरे खेत में काम करने के लिए गई हुई थीं। जब वह काफी देर तक घर वापस नहीं लौटीं तो चिंतित परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद खेत से लगे घने जंगल में शांति बाई का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच और चोट के निशानों के आधार पर वन विभाग इसे भी बाघ का हमला मान रहा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
एक ही दिन में दो महिलाओं की मौत की खबर फैलते ही दोनों ही क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट
इस दोहरे हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन्यजीव प्रभावित संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने और पिंजरा लगाकर आदमखोर बाघ को पकड़ने की मांग की है। वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले खेतों या जंगलों की तरफ न जाने और समूह में रहने की हिदायत दी है।

