युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर देश में फैले ईबोला संक्रमण के खत्‍म होने की घोषणा की. सभी संक्रमितों के संपर्कों का क्वारंटीन पूरा होने और नए सामुदायिक संक्रमण का कोई मामला नहीं मिलने के बाद खुद को आधिकारिक तौर पर इबोला मुक्त घोषित कर दिया है. इस दौरान कुल 20 मामले सामने आए और 2 मौतें हुईं. वहीं, कांगो में इबोला का प्रकोप अब भी जारी है.

युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि महामारी की गहन जांच और स्पष्ट जानकारी मिलने से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो गया है कि अब वायरस का फैलाव रुक चुका है.

स्वास्थ्य मंत्री क्रिस बार्योमुन्सी ने बयान जारी करते हुए कहा कि 2026 का यह प्रकोप पूरी तरह से डॉक्यूमेंट इम्पोर्ट इंफेक्शन का मामला था. संक्रमण की पुष्टि के बाद युगांडा सरकार ने कई सख्त कदम उठाए थे. कांगो से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं वाले वार्षिक धार्मिक आयोजन को स्थगित कर दिया गया था.

देश में सामने आए शुरुआती मामले कांगो से जुड़े थे. पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत से कुछ लोग अज्ञात बीमारी के इलाज के लिए सीमा पार कर युगांडा पहुंचे थे. इबोला का दुर्लभ ‘बंडीबुग्यो’ स्ट्रेन, जो पड़ोसी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से आए मामलों के जरिए युगांडा में दाखिल हुआ था.

युगांडा ने 16 जुलाई को आखिरी इबोला मरीज को जांच रिपोर्ट में वायरस नहीं मिलने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी थी.

दूसरी ओर, 15 मई को कांगो ने इबोला प्रकोप की घोषणा की थी. कांगो में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 3,262 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,437 लोगों की मौत हो चुकी है.

WHO के अनुसार, इबोला एक गंभीर और कई बार जानलेवा बीमारी है, जो इंसानों और दूसरे प्राइमेट जीवों को प्रभावित करती है. सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m