देहरादून. प्रदेश की लगभग 7 हजार बीघा सरकारी जमीन को UIIDB के माध्यम से व्यावसायिक उपयोग और नीलामी की दिशा में ले जाने की सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. जिसे लेकर यशपाल आर्य लगातार सरकार पर हमलावर हैं. उनका कहना है कि मैं ये सवाल करना चाहता हूं कि ये जो जमीनें हैं इन्हें UIIDB को सरकार द्वारा मुफ्त क्यों दे दिया गया?
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आगे यशपाल आर्य ने कहा कि क्या जो मूल विभाग हैं, जिनकी जमीनें थी, जिनके अंतर्गत ये जमीनें आती है, उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि उनकी अनुमति होना आवश्यक है, लेकिन सरकार ने उस अनुमति को हटा दिया है! सरकारी जमीनों की जो इंडिपेंट मार्केट वैल्यूएशन है, उसकी वैल्यूएशन हुई या नहीं हुई? ये सरकार जमीनें 90 साल के लिए, 99 साल के लिए लीज पर देने जा रही है और किस कीमत पर देने जा रहे है? क्यों देने जा रहे है?
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यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि ये बहुत बड़ा प्रश्न हमारे सामने है! और सरकार द्वारा UIIDB को मुफ्त में दे दिया गया जमीनों को, उसे 10% मार्जिन किस आधार पर दिया जा रहा है? जमीनें भी दे दी और 10% मार्जिन भी दे रहे है? जो सब-लीज से होने वाले अतिरिक्त लाभ में सरकार का हिस्सा क्या है? जो जमीनें फ्रीहोल्ड हो रही हैं उनकी नई कीमत कैसे तय होंगी?



