रांची। झारखंड में योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला अब राजधानी रांची पहुंच गया है। गिरिडीह समेत कई जिलों में शिकायतों के बाद अब जगन्नाथपुर थाने में 12 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वाहन, आवास, कन्यादान, करोड़पति, FMCG और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम जमा कराई गई, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर अशोक प्रसाद को सौंपी गई है।

EMI में 40 से 90% छूट का दिया गया भरोसा

शिकायत के अनुसार, संगठन की ओर से वाहन खरीदने वालों को EMI में 40 से 90 प्रतिशत तक छूट दिलाने का दावा किया जाता था। इसके अलावा कन्यादान योजना, करोड़पति योजना, FMCG योजना और छात्रवृत्ति समेत कई योजनाओं के जरिए लोगों को संगठन से जोड़ने का आरोप है।

शिकायतकर्ता डॉ. संतोष कुमार के मुताबिक, लोगों का भरोसा जीतने के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की मौजूदगी वाले वीडियो भी दिखाए जाते थे। इससे लोगों को संगठन की योजनाओं पर विश्वास करने के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप है।

बैंक की पासबुक दिखाकर रकम सुरक्षित होने का दावा

FIR में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को RSABN NIDHI LIMITED के बैंक खाते की पासबुक दिखाकर यह भरोसा दिलाया गया कि संगठन के पास बैंकिंग व्यवस्था है और जमा रकम सुरक्षित रहेगी।

वाहन योजना में यह भी दावा किया जाता था कि बैंक से वाहन खरीदने के बाद उसकी तय EMI संगठन की ओर से जमा की जाएगी।

अलग-अलग खातों में जमा कराई गई रकम

शिकायत के मुताबिक, इन दावों पर भरोसा कर लोगों ने नकद, ऑनलाइन और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए RSOG Foods Cosmetic Pvt. Ltd. के अलग-अलग खातों में पैसे जमा किए।

शिकायतकर्ता ने रकम को करोड़ों रुपये का बताया है। FIR के साथ कथित लाभुकों की नामवार सूची, जमा रकम और बैंक ट्रांजेक्शन का विवरण भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

EMI बंद हुई तो खुलने लगा मामला

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वाहन की EMI का भुगतान बंद हुआ तो संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क किया गया। आरोप है कि उस समय सरकारी योजनाओं से संगठन को जल्द राशि मिलने और उसके बाद EMI चुकाने का भरोसा दिया जाता रहा।

इसी दौरान करीब दो महीने के भीतर संगठन का प्रदेश कार्यालय बंद हो गया। आरोप है कि इसके बाद बिनू साहू कार्यालय में नहीं मिले और फोन पर भी संपर्क से बचते रहे।

पैसे वापस मांगने पर धमकी का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रकम और EMI भुगतान को लेकर संगठन के पदाधिकारियों से बात करने पर शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी गई।

इन 12 लोगों पर दर्ज हुई FIR

FIR में बिनू साहू, शकुंतला कुमारी, दीपक कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, रश्मि कुमारी, अरुण कुमार प्रजापति, मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।

शिकायत में आरोपियों को संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, केंद्रीय जोनल प्रभारी और CEO जैसे पदों से जुड़ा बताया गया है।

पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, बैंक लेनदेन और संगठन की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।