लखनऊ। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ में इस नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन होना, मैं समझता हूं, केवल लखनऊ वासियों अथवा प्रदेश वासियों के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से हमारे लिए भी बहुत ही सम्मान और गौरव का क्षण है। आने वाले समय में नौसेना शौर्य वाटिका लखनऊ के लिए एक प्रेरणास्थल तो बनेगा ही, बल्कि एक टूरिस्ट हब के रूप में यह बनेगा और यह लखनऊ की पहचान बनेगा, यह मेरा पक्का विश्वास है।

उत्तर प्रदेश भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे हम सब परिचित हैं। हम सभी जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था से होती थी लेकिन आज का उत्तर प्रदेश, मैं ही इसे स्वीकार नहीं करता बल्कि सारा देश भी इसे स्वीकार करता है कि बदल चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश, भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा है।

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सीएम योगी की जमकर तारीफ

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यूपी वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया के नाम से जाना जाता था। अब यूपी बदल चुका है। यह परिवर्तन किसी वजह से नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मजबूत नेतृत्व का नतीजा है। उन्होंने यहां के बिगड़े हुए लॉ एंड ऑर्डर को जिस तरह से संभाला, वह काबिले तारीफ है। पहले यहां आने से इन्वेस्टर्स डरते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। लखनऊ अब तहजीब और संस्कृति का शहर होने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का भी यह प्रतीक बन रहा है।

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सीएम योगी ने क्या कहा

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास की योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती है। याद कीजिए 2017 से पहले इसी उत्तर प्रदेश में हर रोज़ कर्फ्यू लगता था। पेशेवर माफिया और अपराधियों ने जीना हराम कर दिया था। हमारी सेना जिस तरह हर परिस्थिति में सीमा की सुरक्षा करती है, ऐसे में नागरिकों का भी सेना के प्रति कर्तव्य बनता है कि वह उन सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखे।

जब सुरक्षा के मोर्चे पर हम मज़बूत होंगे तभी दुनिया भी आपसे मैत्री करेगी। आप यदि कमजोर हैं तो कमजोर के सामने कोई नहीं झुकता है। हमारी ऋषि परंपरा भी इसकी प्रेरणा देती है कि ‘अहिंसा परमोधर्म, धर्म हिंसा तथैव च’… यदि सामने वाला देश व समाज के लिए खतरा है तो उसके लिए अहिंसा नहीं चल सकती है।