मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या के जानकी घाट स्थित प्रसिद्ध डांडिया मंदिर में भंडारे के दूध को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. मंदिर में खीर और भंडारे के प्रसाद के लिए मंगाए गए ‘पराग डेयरी’ के करीब दो क्विंटल दूध के डिब्बे जैसे ही खोले गए, पूरे परिसर में तेज दुर्गंध फैल गई. डिब्बे के भीतर का नजारा देख लोग दंग रह गए. दूध के ऊपर मरी हुई मक्खियां तैर रही थीं और रबर जैसी मोटी-मोटी अजीब परतें जमी हुई थीं.

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मंदिर प्रबंधन में भारी आक्रोश

दूध की असामान्य और संदेहास्पद स्थिति को देखकर मंदिर से जुड़े लोगों ने इसमें किसी घातक रासायनिक पदार्थ या मिलावट की आशंका जताई है. श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर प्रबंधन ने इस दूध का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया और तत्काल पूरे दो क्विंटल दूध को नाले में बहा दिया.

जांच के लिए भेजे गए सैंपल

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर स्वामी गिरीश दास ने तुरंत पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित किया. सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दूध के नमूने (सैंपल) सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए.

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​दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

महंत स्वामी गिरीश दास ने खाद्य सुरक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि विभाग जल्द स्पष्ट करे कि दूध में दिख रही रबर जैसी परतें आखिर किस चीज की थीं. उन्होंने चेतावनी दी कि रिपोर्ट में यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या लापरवाही पाई जाती है, तो पराग डेयरी प्रशासन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. फिलहाल प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही दूध की गुणवत्ता का वास्तविक सच सामने आ सकेगा.