गाजियाबाद। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में 868 करोड़ से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था, सुशासन और विकास पर रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर रखी गई है और यही वजह है कि आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

सुशासन तब आता है, जब कानून का राज होता है

मुख्यमंत्री ने कहा, “सुशासन तब आता है, जब कानून का राज होता है। कानून का राज स्थापित करने के लिए अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जरूरी है। जहां सुरक्षा होगी, वहीं सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा वहां समृद्धि आएगी और जहां समृद्धि होगी वहां विकास अपने आप दौड़ता दिखाई देगा। निवेश आएगा, रोजगार सृजित होगा और नौजवानों को काम मिलेगा।

एक दशक पहले गैंगवार होती थी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक दशक पहले गाजियाबाद की पहचान गंदगी, गुंडागर्दी और गैंगवार से होती थी। दिल्ली का प्रवेश द्वार होने के बावजूद लोग यहां का नाम लेने से डरते थे, लेकिन आज वही गाजियाबाद सुशासन का मॉडल बनकर एनसीआर के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है।

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मेरठ से दिल्ली की दूरी महज 40 मिनट में पूरी

उन्होंने मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना पहले की सरकारों के समय लंबित रही क्योंकि समाजवादी पार्टी सरकार ने 32 हजार करोड़ रुपये के निवेश के कारण इसे मंजूरी नहीं दी। उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद इस परियोजना को स्वीकृति दी गई और अब मेरठ से दिल्ली की दूरी महज 40 मिनट में पूरी हो सकेगी।

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मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अपराध आम बात थे। व्यापारी और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, निवेश नहीं आता था और सरकारी नौकरियों में भी भ्रष्टाचार होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकार के पास न स्पष्ट नीति थी और न ही विकास की नीयत।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र से भेजे गए 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही लाभार्थियों तक पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाकी पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।

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अपने संबोधन के राजनीतिक हिस्से में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने अपने शासनकाल में कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गापूजा जैसे आयोजनों पर रोक लगाई थी। उन्होंने कहा कि आज इन्हीं दलों का आस्था की बात करना जनता को स्वीकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल “सुरक्षा से सुशासन, सुशासन से समृद्धि और समृद्धि से विकास” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है और इसी कारण प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।