लखनऊ. यूपी में योगी सरकार चुनाव को नजदीक देखते हुए महिलाओं के लिए एक योजना लाने की तैयारी में है. योजना के जरिए महिलाओं को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे. जिसकी पहली किस्त पात्र महिलाओं के खाते में 20 हजार डालने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, बाकी के 30 हजार तीन किस्तों में नई सरकार बनने के बाद दिए जाने की बात सामने आई है. जिसे लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, भाजपा का एक और जुमला यूपी की महिलाओं को देंगे 20000.

आगे अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है. वो भी भाजपा की पाप की कमाई है, जिसे उप्र की धर्म भीरू महिलाएं कभी नहीं लेंगी. उप्र की जागरुक महिलाएं पूछ रही हैं जिन दूसरे राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणा करके चुनाव जीता था, वहां एक तरफ़ तो देने से आनाकानी कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ पैसे वापस माँग रहे हैं, और जो लौटा नहीं पा रही हैं, उन महिलाओं पर भाजपा थाने-कचहरी, पुलिस-मुक़दमे की निंदनीय कार्रवाई कर रही है.

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आगे अखिलेश यादव ने काह कि देखा जाए तो आज जिस 50000 रुपये सालाना पैसे देने की बात भाजपा सरकार कर रही है वो पैसे पिछले 10 साल में भी दे सकती थी, पर दिया नहीं. मुख्यमंत्री जी ने उप्र की महिलाओं के हक़-अधिकार के हजारों करोड़ रुपये अपने प्रचार पर ख़र्च करके सबको ठेंगा दिखा दिया. 50 हज़ार रुपये हर साल के हिसाब से भाजपा की भ्रष्ट सरकार पिछले 10 साल में महिलाओं के हिस्से का 5 लाख रुपया खा गई और अब केवल 20 हज़ार देने का जुमला परोस रही है.

उन्होंने ये भी कहा कि 20 हज़ार रुपया तो 5 लाख रुपये का केवल 4% हुआ, इसका मतलब ये भाजपाई महिलाओं के हक़ का 96% डकार गए. 80:20 की बात करने वालों ने तो 96:4 करके भ्रष्टाचार का सुपर रिकॉर्ड बना दिया. अगर जुमले वाले 15 लाख रुपये छोड़ भी दें और भाजपा चुनाव में लड़ता दिखने के लिए 20 हज़ार दे भी दे, तो भी जनता का भाजपा सरकार पर 4,80,000 रुपये का बकाया निकलता है.

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अखिलेश यादव ने कहा कि जनाक्रोश के डर से आज भाजपा के नेता, संगी-साथी, कार्यकर्ता, समर्थक, झंडे-बैनर सब डर के मारे भूमिगत हो गए हैं. यहां तक कि भाजपा से अब कोई टिकट भी नहीं लेना चाहता है. मंदिर में चोरी और बच्चों पर हमले के बाद भाजपा के पास न तो नैतिकता बची, न साहस इसीलिए वो पैसे का सहारा ले रहे हैं. हम 40000 से करेंगे शुरुआत, जिसमें ‘बढ़ोतरी’ होगी हर साल!