लखनऊ. डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने आपतकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून, 1975 वह काला दिन है, जब कांग्रेस, खासकर तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘सत्ता के अहंकार’ में चूर होकर देश पर आपातकाल थोपा था. इसके ज़रिए उन्होंने संविधान को अपने शिकंजे में कसकर जनता के मूलभूत अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर जमकर प्रहार किया. उन्हें गहरी चोट पहुंचाई.

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आगे केशव मौर्य ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ हमें उस काले दौर की याद दिलाता है, जब असहमति की आवाज़ों को कुचला गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर पहरा बिठाया गया और लोकतंत्र सेनानियों को बेरहमी से जेलों की सलाख़ों के पीछे डाल दिया गया. यह आपातकाल कांग्रेस की ‘तानाशाही मानसिकता’ का नतीजा था.

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केशव मौर्य ने ये भी कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए तब की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अडिग रहकर संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का साहस, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा. इस काले दौर का डटकर मुकाबला करने वाले उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को बारंबार कोटि-कोटि नमन!