लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने Gen-Z और Gen-Alpha की समस्याओं को लेकर सरकार और राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आ रहे हैं, जिनसे युवाओं और बेरोजगारों को लग रहा है कि उनकी ज्वलंत समस्याओं को राजनीतिक दल हाईजैक कर रहे हैं.

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रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन अब वे स्वतंत्र रूप से कदम उठाने और राजनीति को लेकर गंभीर शंकाओं में घिर गए हैं. उन्होंने कहा कि खासकर Gen-Z और Gen-Alpha की जरूरी मांगों को लेकर बसपा पूरी सहानुभूति और चिंता रखती है. पार्टी की सभी स्टेट यूनिटों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए तत्पर रहें.

बसपा प्रमुख ने पार्टी के अनुशासन के अनुसार पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से धरना, प्रदर्शन और आंदोलन से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि अपनी तन, मन और धन की शक्ति को चुनाव के लिए सुरक्षित रखें. उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार बनाकर ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों के अनुरूप ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की व्यवस्था कायम की जा सकती है.

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मायावती ने उत्तर प्रदेश में बसपा की चार बार रही सरकारों का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान सर्वसमाज की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में काम किया गया. उन्होंने Gen-Z के जंतर-मंतर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई की होती तो संजय आजाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती. उन्होंने मौजूदा मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं में कार्रवाई नहीं हुई तो बसपा भी ऐसे मामलों में पीछे नहीं रहेगी.