लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं. विधानसभा चुनाव को देखते हुए यहां जनगणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर से शुरू होकर 4 जनवरी 2027 तक चलेगा. इस चरण में व्यक्तियों के साथ-साथ जाति की भी गणना की जाएगी. प्रक्रिया में पहले स्वगणना का विकल्प मिलेगा, इसके बाद प्रगणक(Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे.

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घर में ठहरे मेहमान भी होंगे परिवार की गणना में शामिल

जनगणना के दौरान अगर किसी घर में कोई रिश्तेदार या मेहमान रह रहा है, तो उसकी गणना उसी परिवार के साथ की जाएगी. वहीं, बाहर पढ़ने वाले बच्चों की गिनती उनके रहने के स्थान के आधार पर होगी. यदि बच्चा जनगणना अवधि में अपने मूल घर में मौजूद है, तो उसे वहीं दर्ज किया जाएगा.

सितंबर-अक्टूबर में 5.60 लाख कर्मियों की ट्रेनिंग

जनगणना के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. सितंबर के अंत तक मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य है. अक्टूबर में ये ट्रेनर्स आगे प्रशिक्षण देंगे. अक्टूबर-नवंबर के दौरान 5.60 लाख से अधिक प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा.

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आधार-आईडी की जानकारी ली जा सकती है, लेकिन दस्तावेज नहीं दिखाने होंगे

जनगणना के दौरान आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी पूछी जा सकती है, लेकिन दस्तावेज दिखाने के लिए नहीं कहा जाएगा. जाति के लिए व्यक्ति की स्वघोषणा ही दर्ज होगी और जाति प्रमाणपत्र नहीं मांगा जाएगा. सामाजिक स्थिति, भाषा, शिक्षा, आर्थिक स्थिति और प्रवास समेत कई बुनियादी जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी.