लखनऊ. समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कांग्रेस मुख्यालय में हुए ‘वंदे मातरम’ विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वंदे मातरम का सभी देवतुल्य देशवासियों को सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा, “वंदे मातरम इस देश में खुशहाली का, आपसदारी का, एकता का और अनेकता में एकता के सूत्र को मजबूत करने का एक पैगाम लाता है. इस वंदे मातरम का सभी को सम्मान करना चाहिए.”
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अवधेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत राष्ट्र का सम्मान है और हर देशवासी को तिरंगे व राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में हुए ‘वंदे मातरम’ पर कोई सीधा आरोप लगाए बिना कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कांग्रेस ने क्या किया या नहीं किया.
कांग्रेस मुख्यालय में गाया गया था पूरा वंदे मातरम
15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया गया. कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद थे.
वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम के शुरुआती छंदों के बाद सोनिया गांधी ने इसे रोकने का इशारा किया और राहुल गांधी भी असहज नजर आए. भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बतायाय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की. कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए और पुलिस में शिकायतें दर्ज कराईं.
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कांग्रेस ने आरोपों से इनकार किया. जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, क्योंकि वे लंबे समय से खड़े थे. पार्टी का कहना है कि पूरा वंदे मातरम गाया गया और कोई रोकने की कोशिश नहीं हुई. कांग्रेस नेताओं ने 1937 की कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का हवाला दिया, जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर केवल शुरुआती छंद गाने की परंपरा बनी थी.


