सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत स्थित नागरिक अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं। परिजनों का दावा है कि पांच दिनों से भर्ती गर्भवती महिला की अस्पताल के शौचालय में डिलीवरी हो गई, लेकिन समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने से नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया।
5 दिन से अस्पताल में थी भर्ती
मालवीय नगर निवासी नेहा प्रसव के लिए अपने मायके आई हुई थी। परिजनों के अनुसार उसे पांच दिन पहले नागरिक अस्पताल के लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि तीन दिन पहले अल्ट्रासाउंड में बच्चे की धड़कन सामान्य से कम पाई गई थी, इसके बावजूद डॉक्टरों ने समय रहते प्रसव नहीं कराया।
परिजनों का आरोप- शौचालय में हुई डिलीवरी
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में नेहा को लगातार एक वार्ड से दूसरे वार्ड भेजा जाता रहा और उसकी उचित निगरानी नहीं की गई। डिलीवरी से पहले जब वह शौचालय गई, तभी अचानक प्रसव हो गया। उनका कहना है कि उस समय वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था, जिससे नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला और गर्भस्थ शिशु की स्थिति पहले से ही गंभीर थी और इसकी जानकारी परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिलीवरी शौचालय में नहीं, बल्कि लेबर टेबल पर हुई थी। अल्ट्रासाउंड में बच्चे की धड़कन बेहद कम पाई गई थी।
जांच शुरू
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।

