राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/ बालाघाट। बिरसा ब्लॉक में बच्चों की मौतों का मामला अब बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। आदिवासी समुदाय ने बच्चों की मौतों के विरोध में आज बालाघाट बंद का आह्वान किया। बंद का शहर में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से दोपहर तक बाजार में बंद का असर रहा। वहीं दूसरी तरफ आदिवासी संगठनों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बालाघाट पहुंचे। शहर में रैली निकाली गई और कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।

बिरसा ब्लॉक में बच्चों की मौतों के विरोध में आदिवासी समुदाय ने बालाघाट बंद बुलाया था। सुबह से ही शहर के बाजारों में इसका असर दिखाई दिया। कई दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही नजर आई। बंद के बीच शहर में आदिवासी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हुआ। दोपहर तक मंच तैयार हो गया। यहां नेताओं ने बच्चों की मौतों के मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।

मंच के बाद आदिवासी संगठनों ने शहर में रैली निकाली। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारे लगाते हुए आगे बढ़े। रैली का मुख्य मुद्दा बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौतें और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल रहे। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं और बच्चों की मौतों के मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की। आदिवासी संगठनों का कहना है कि मामले को सिर्फ जांच तक सीमित रखने के बजाय ठोस कार्रवाई जरूरी है।

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