चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर देश के कई जगहों पर वोटर लिस्ट से नाम हटने को लेकर सियासी बवाल नए सिरे से शुरू हो गया है. विपक्ष ने चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा है कि BJP को जिताने के लिए ये प्रक्रिया देशभर में चुनाव आयोग करवा रही है. SIR के तीसरे चरण में ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 6 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए. झारखंड SIR को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बीजेपी पर निशाना साधा. 

दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड और बंगाल के आंकड़ों पर विपक्षी पार्टियां सवाल उठा रही है. झारखंड को लेकर दावा है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने नाम वोटर लिस्ट से नाम कटवाने की कोशिश की.

निर्वाचन आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तीसरे चरण में अब तक प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 6.15 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के गोड्डा में बीजेपी का बूथ लेवल एजेंट (BLA) फॉर्म 7 लेकर आता है और ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटरों के नाम हटाने की मांग करता है. चार बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर्स ने आवेदनों को लेने से इनकार कर दिया.

देश के जाने-माने वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने SIR को लेकर वोटर लिस्ट में हेरफेर का जरिया बताया है और मुसमलानों को निशाना बनाने की बात कही है.

महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने सोमवार को बताया कि SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट रोल में 2.06 करोड़ से ज्यादा वोटर शामिल नहीं हैं, जो महाराष्ट्र के पिछले वोटर बेस का 21.14 प्रतिशत है. संख्या के लिहाज से महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं। वहां SIR से पहले करीब 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे मसौदा सूची में 2.07 करोड़ नाम हटा दिए गए.

दिल्ली की पुरानी मतदाता सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे. SIR के मसौदे के बाद यह संख्या घटकर लगभग 97.53 लाख रह गई है। दिल्ली में करीब 47.56 लाख नाम हटाए गए. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजिक अरविंद केजरीवाल ने इसपर तंज कसते हुए कहा कि SIR के तहत दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आ गई है.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके विधानसभा चुनाव को हाईजैक कर लिया.

वहीं कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र शेयर किया, जिसमें वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर और बिना किसी उचित कारण के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई गई है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि भारत की चुनाव प्रक्रिया को दूसरे देशों में भी समझ जा रहा है और कई देश भारत देश की तरह ही प्रक्रिया अपनाने में रुचि रखते हैं.

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