लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की अमृत सरोवर योजना और अमृत सरोवर योजना 2.0 के तहत प्रदेश में अब तक 19,989 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार किया जा चुका है। ग्राम्य विकास विभाग के मुताबिक इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

भूजल स्तर सुधारने की दिशा में सकारात्मक परिणाम

प्रदेश में अमृत सरोवर निर्माण के मामले में हरदोई सबसे आगे है, जहां 1,202 सरोवर विकसित किए गए हैं। इसके बाद आजमगढ़ (797), गोरखपुर (734), महराजगंज (726) और प्रयागराज (638) का स्थान है। इन सरोवरों के निर्माण से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिला है और भूजल स्तर सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

किसानों को मिल रहा लाभ

योजना का लाभ किसानों को भी मिल रहा है। सरोवरों में जल संग्रह होने से सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे कृषि उत्पादन को मजबूती मिल रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट कम होने और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।

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इस योजना ने ग्रामीण रोजगार को भी नई गति दी है। सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और सुंदरीकरण के कार्यों को मनरेगा से जोड़कर बड़ी संख्या में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ लोगों की आय में भी वृद्धि हुई है।

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ग्राम्य विकास विभाग का कहना है कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ आगे बढ़ाने वाली यह पहल अब अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन रही है। सरकार का लक्ष्य इन अमृत सरोवरों के माध्यम से सतत विकास को और गति देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना है।