मोहित मिश्र, सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. गोरखनाथ पटेल ने 7 सहायक अध्यापकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं.

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टीईटी और डीएलएड के फर्जी अंकपत्र पाए गए

विभाग द्वारा विशेष अभियान के तहत अभिलेखों के सत्यापन के दौरान इन शिक्षकों के टीईटी (TET) और डीएलएड (D.El.Ed) के अंकपत्र संदिग्ध पाए गए. संबंधित बोर्डों से कराई गई जांच में सभी प्रमाण पत्र फर्जी साबित हुए. इस खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है.

ये शिक्षक किए गए बर्खास्त

बर्खास्त किए गए 7 शिक्षकों में खैराबाद ब्लॉक की कुसुमलता (प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर), लहरपुर ब्लॉक की मनीष सिंह (प्राथमिक विद्यालय भानपुर), भूपेंद्र कुमार (प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर), महोली ब्लॉक की पूजा (प्राथमिक विद्यालय बसारा), विवेक कुमार (प्राथमिक विद्यालय महुआकोला) और सकरन ब्लॉक की मुरारी लाल रावत (प्राथमिक विद्यालय ताजपुर) व जय नारायण सिंह (प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी) के नाम शामिल हैं.

FIR दर्ज करने के सख्त निर्देश, जांच जारी रहेगी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आरोपी शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में तुरंत FIR दर्ज कराई जाए. उन्होंने कहा, “फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति पाने वालों के खिलाफ विभाग का रुख पूरी तरह सख्त है. यह जांच आगे भी जारी रहेगी और ऐसे किसी भी मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा.”

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यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों की जांच अभियान का हिस्सा है, जो पूरे जिले में चलाया जा रहा है.