सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का आंकड़ा 81.4 फीसदी तक पहुंच गया है. अब प्रदेश सरकार का लक्ष्य शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है. इसके लिए टीकों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाने और गलत सूचनाओं से निपटने को लेकर ‘वैक्सीन कॉन्फिडेंस चैंपियंस नेटवर्क’ विकसित किया जाएगा.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तर प्रदेश में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी परामर्श बैठक में यह सहमति बनी. बैठक को संबोधित करते हुए एनएचएम की मिशन निदेशक एवं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. पिंकी जोवल (आईएएस) ने कहा कि बीमारियों के उपचार के साथ-साथ उनकी रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि एनएफएचएस-6 के अनुसार प्रदेश में 12 से 23 महीने आयु वर्ग के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कवरेज 81.4 प्रतिशत हो गया है, जो एनएफएचएस-5 की तुलना में 11.5 प्रतिशत अंक ज्यादा है.

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डॉ. जोवल ने कहा कि शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी संवाद और जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है. लोगों तक सरल भाषा में सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या आशंका न रहे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा संस्थानों और सहयोगी संगठनों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया.

बैठक में तय किया गया कि प्रदेशभर में ‘वैक्सीन कॉन्फिडेंस चैंपियंस नेटवर्क’ तैयार किया जाएगा, जो समुदाय स्तर पर टीकों के प्रति जनविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. साथ ही, टीकाकरण को लेकर फैली गलत सूचनाओं और भ्रांतियों का प्रभावी संचार रणनीति के माध्यम से निराकरण किया जाएगा. आरएमएलआईएमएस, लखनऊ के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज टीकों के प्रति विश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. बैठक में केजीएमयू, एम्स रायबरेली, एएमयू, विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.